Vigyan Ke Chamatkar Nibandh विज्ञान के चमत्कार निबंध, 6-10th

Join Whatsapp Channel

Vigyan Ke Chamatkar Nibandh In Hindi | विज्ञान के चमत्कार निबंध | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 8वी | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 9वी | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 10वी

इंसान ने जब से पहिये का आविष्कार किया उसके बाद से ही नित नए आविष्कार होते रहे है, जैसे-जैसे हमारी आवश्यकता बढ़ती गई हमने अपनी सुविधाओं के लिए आविष्कार करते चले गए।

आज हमारे दैनिक जीवन में विज्ञान की एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, अगर ये कहें कि विज्ञान के बिना मानव जीवन की कल्पना करना भी असंभव है, तो ये गलत नहीं होगा।

Hello Friends, स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज हम बात करने जा रहे है, विज्ञान के चमत्कार के निबंध के बारे में, इस आर्टिकल में कक्षा 6 से लेकर 10 तक के छात्रों के लिए निबंध देखने को मिल जाएगा।

Vigyan Ke Chamatkar Nibandh In Hindi –

essay writing vigyan ke chamatkar nibandh in hindi
essay writing vigyan ke chamatkar nibandh in hindi

Vigyan Ke Chamatkar Nibandh | विज्ञान के चमत्कार निबंध | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 8वी | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 9वी | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 10वी | Vigyan Ke Chamatkar Nibandh In Hindi

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध, कक्षा 5-6 –

प्रस्तावना –

रेलगाड़ी, वायुयान, टेलीविजन, स्मार्टफोन, कपड़े धोने वाली मशीन, खाना बनाने वाला चूल्हा, तथा दुनिया की तमाम जानकारियों से रूबरू कराने वाला इंटरनेट इत्यादि सभी विज्ञान के आधुनिक आविष्कार हैं।

विज्ञान के चमत्कार –

विज्ञान की वजह से आज भौगोलिक दूरियाँ भी घट गई है, रेल, मोटर, जलयान, वायुयान तथा हैलीकॉप्टर आदि साधनों द्वारा कोई भी स्थान दूर नहीं रह गया है।

विज्ञान हमें केवल दूर दूर स्थान तक अल्प समय और अल्प व्यय में पहुँचाता ही नहीं है, अपितु हजारों मील दूर के दृश्यों को स्मार्टफोन और टेलीविजन पर दिखा भी देता है।

‘प्रेस’ के जीवन से पुस्तकों तथा समाचार-पत्रों की प्राप्ति सरल से सरलतम हो गयी है।

रोजाना के जीवन में भी विज्ञान ने अपूर्व सहायता की है, कपड़ा, फर्नीचर, सुई, कागज, पेंसिल, फाउण्टेन पेन, समाचार- पत्र, प्रसाधन दृश्य आदि सभी जीवनोपयोगी वस्तुएँ विज्ञान की दी हुई हैं।

चिकित्सा के क्षेत्र में आदि के द्वारा एक नवीन कायाकल्प हो गया है।

वैक्सीन, एक्स-रे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउण्ड, जीवन रक्षक दवाइयाँ, इंजेक्शन, विभिन्न चिकित्सा उपकरण, कृत्रिम अंग, अंग प्रत्यारोपण जैसे आविष्कार विज्ञान की ही देन है।

आज हमें हजारों किलोमीटर की यात्रा करनी हो तो बिना किसी दिक्कत के कुछ ही घंटों में कर सकते है।

सड़क से तेज ट्रेन यातायात और उससे भी तेज हवाई जहाज के हजारों किलोमीटर का सफर कुछ ही घंटों में तय किया जा सकता है।

टीवी, इलेक्ट्रिक कुकटॉप, वाशिंग मशीन, गीजर, पंखा, एसी जैसे हजारों उपकरण है जो आज के समय में हम अपने रोजाना जीवन के कार्यों में प्रयोग करते है।

आज के समय में टीवी हमारे मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है, टीवी हमारे परिवार का हिस्सा बन गया है, इससे देश, विदेश की ख़बरें, फ़िल्में, गाने और लाइव कार्यक्रम भी देख सकते है।

पहले जहां पढ़ाई करने के लिए सीमित संसाधन उपलब्ध होते थे अब ऑनलाइन और यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई होती है।

फसल को सुरक्षित करने, खाद्य उत्पादन, खाद्य भंडारण जैसे कामों के लिए नई तकनीकों का ईजाद किया गया, जिससे आज हम कृषि के क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक उत्पादन करने में सक्षम हुए है।

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध, कक्षा 7-8 –

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध, कक्षा 9-10 –

प्रस्तावना –

देश की दूरी नापने वाली रेलगाड़ी, आकाश की सीमाओं को पार करते हुए हमारी यात्रा कराने वाला वायुयान, शब्द के समुद्र को विद्युत-तरंगों के प्रवाह में सीमित करने वाला रेडियो और टेलीविजन, दूर शहर में रहने वाले व्यक्ति से गाँव में उसके परिवार और दोस्तों से बातें कराने वाला स्मार्टफोन, कपड़े धोने वाली मशीन, खाना बनाने, आने-जाने तथा दुनिया की तमाम जानकारियों से रूबरू कराने वाला इंटरनेट इत्यादि सभी विज्ञान के आधुनिक आविष्कार हैं।

विज्ञान की व्यापकता –

वर्तमान में जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं, विश्व का कोई ऐसा कोना नहीं और तो और विचार की कोई गति नहीं जहाँ विज्ञान की मौजूदगी न हो।

यदि प्राचीन भक्त कवि भगवान् के लिए ‘हरि व्यापक सर्वत्र समाना’ कह सकते थे जो आज हम भी विज्ञान के लिए अधिकारपूर्वक कह सकते हैं-

‘जिधर देखता हूँ उधर तू ही तू है, न तेरी सी खुशबू न तेरी सी बू है।’

विज्ञान के विभिन्न आविष्कार तथा लाभ –

विज्ञान की वजह से आज भौगोलिक दूरियाँ भी घट गई है, रेल, मोटर, जलयान, वायुयान तथा हैलीकॉप्टर आदि साधनों द्वारा कोई भी स्थान दूर नहीं रह गया है।

इस संसार की तो बात ही क्या है? आज हमारे खगोल विज्ञान ने चंद्रमा से लेकर मंगल ग्रह तक पहुँचने का सपना साकार कर दिया है।

विज्ञान हमें केवल दूर दूर स्थान तक अल्प समय और अल्प व्यय में पहुँचाता ही नहीं है, अपितु हजारों मील दूर के दृश्यों को स्मार्टफोन और टेलीविजन पर दिखा भी देता है।

आज विज्ञान के द्वारा समय को भी कम किया जा सकता है, वर्तमान में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के जमाने में ऐसी-ऐसी मशीनों का आविष्कार हो चुका है जो प्रकृति तथा मनुष्य के द्वारा एक लम्बे समय में किये जाने वाले कार्यों को थोड़े समय में कर देती है।

भौतिक विज्ञान, जन्तु विज्ञान, खगोल विज्ञान, वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र आदि विषयों का अच्छा ज्ञान वैज्ञानिक आविष्कारों की सहायता से सरलता से हो जाता है।

‘प्रेस’ के जीवन से पुस्तकों तथा समाचार-पत्रों की प्राप्ति सरल से सरलतम हो गयी है।

हमारे दैनिक जीवन में भी विज्ञान ने अपूर्व सहायता की है, कपड़ा, फर्नीचर, सुई, कागज, पेंसिल, फाउण्टेन पेन, समाचार- पत्र, प्रसाधन दृश्य आदि सभी जीवनोपयोगी वस्तुएँ विज्ञान की दी हुई हैं।

विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान का विस्तार –

चिकित्सा के क्षेत्र में –

अगर आज से कुछ दशक पहले देखें तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में विज्ञान ने मानव कष्ट को कम कर दिया है।

चिकित्सा के क्षेत्र में आदि के द्वारा एक नवीन कायाकल्प हो गया है।

जीवन रक्षक दवाइयाँ, वैक्सीन, एक्स-रे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउण्ड, इंजेक्शन, विभिन्न चिकित्सा उपकरण, कृत्रिम अंग, अंग प्रत्यारोपण जैसे आविष्कार विज्ञान की ही देन है।

इसकी वजह से ही आज के समय भारत पोलिओ मुक्त भारत का सपना संभव हो पाया है, इसी तरह टीबी मुक्त भारत के सपने की तरफ हम बढ़ रहे है।

कई गंभीर रोगों का इलाज, तरह-तरह की छोटी बड़ी बीमारियों का निदान आज बहुत सरलता से हो जाता है, कुल मिलकर ये कहा जा सकता है कि विज्ञान ने स्वास्थ्य व जीवन को नयी दिशा दी है।

यातायात –

मानव विकास के शुरुआत में यातायात ही एक ऐसी समस्या थी जिसकी वजह से लोग एक जगह से ज्यादा दूर तक नहीं जाते थे।

लेकिन पहिये की खोज ने सबकुछ बदल कर रख दिया, एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण खोज ने सम्पूर्ण मानव जीवन बदल के रख दिया है।

आज हमें हजारों किलोमीटर की यात्रा करनी हो तो बिना किसी दिक्कत के कुछ ही घंटों में कर सकते है।

सड़क से तेज ट्रेन यातायात और उससे भी तेज हवाई जहाज के हजारों किलोमीटर का सफर कुछ ही घंटों में तय किया जा सकता है।

इलेक्ट्रिसिटी –

आधुनिक विज्ञान का पहला अविष्कार बिजली को माना जाता है, बल्ब के आविष्कार ने हमारी दुनिया में रोशनी ही रोशनी बिखेर दी है।

बल्ब के अलावा टीवी, इलेक्ट्रिक कुकटॉप, वाशिंग मशीन, गीजर, पंखा, एसी जैसे हजारों उपकरण है जो आज के समय में हम अपने रोजाना जीवन के कार्यों में प्रयोग करते है।

इन चीजों के आविष्कार ने हमारे जीवन को बहुत आरामदायक बना दिया है, बिना इसके आज के समय में जीवन जीना बहुत मुश्किल कार्य है।

संचार –

स्मार्टफोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, इन्टरनेट ने पिछले कुछ सालों में तो हमारी दुनिया ही बदल के रख दी है।

आज इंटरनेट न सिर्फ किसी डेटा को एक जगह से दूसरे जगह भेजने के काम में आता है, बल्कि इसकी वजह से कई उद्योग शुरू हो गए है।

आज के समय में इंटरनेट ने करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है, विज्ञान की यह खोज मानव जीवन के लिए किसी तोहफे के समान है।

मनोरंजन –

सालों पहले मनोरंजन के लिए हमारे पास कुछ ही साधन उपलब्ध थे, तथा उनकी उपलब्धता भी सीमित थी।

आज के समय में स्मार्टफोन, मनोरंजन के एक नए साधन के रूप में उभर है, इसकी मदद से न सिर्फ इंटरनेट को एक्सेस कर पाते है बल्कि मनोरंजन के लिए यह प्रमुख डिवाइस हो गया है।

स्मार्टफोन, कंप्यूटर के लिए आज के समय में तमाम तरह की एक्टिविटिज उपलब्ध है जिनसे मनोरंजन किया जा सकता है।

आज के समय में टीवी के बिना अब किसी घर को घर नहीं कहा जाता, जैसे ये हमारे परिवार का हिस्सा बन गया है।

टीवी हमारे मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है, इससे देश, विदेश की ख़बरें, फ़िल्में, गाने और लाइव कार्यक्रम भी देख सकते है।

शिक्षा के क्षेत्र में –

शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान ने अभूतपूर्व बदलाव किए है, अगर कुछ साल ही पीछे देखें तो हमारा पढ़ने का तरीका बदल गया है।

शिक्षा के क्षेत्र की बात की जाए तो, विज्ञान ने शिक्षा को भी नयी दिशा दी है, आधुनिक मशीनों के आविष्कार से प्रिंटिंग मीडिया अब इतनी आसान हो गई है, इससे एक बार में हज़ार पन्ने छपने लगे है।

पढ़ाई करने के लिए पहले जहां सीमित संसाधन उपलब्ध होते थे अब ऑनलाइन और यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई होती है।

किसी भी टॉपिक के बारे में कोई जानकारी खोजनी हो तो वह आसानी से उपलब्ध है।

व्यापार व कृषि –

अगर कुछ दशक पहले तक देखें तो कृषि के क्षेत्र में हमें उतनी पैदावार नहीं होती थी जितनी हमें जरूरत होती थी।

इसी को देखते हुए हरित क्रांति के माध्यम से विज्ञान की नई तकनीकों का प्रयोग करते हुए, उपज को बढ़ाया गया।

फसल को सुरक्षित करने, खाद्य उत्पादन, खाद्य भंडारण जैसे कामों के लिए नई तकनीकों का ईजाद किया गया, जिससे आज हम कृषि के क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक उत्पादन करने में सक्षम हुए है।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में –

हमारा आकाश असीमित है इसमें ऐसे हजारों लाखों राज छुपे हुए है जिनके बारे में हमें नहीं पता।

आज विज्ञान की मदद से हम अंतरिक्ष तक पहुँच चुके है, हमने चंद्रमा पर कदम और मंगल तक अपने यान को भेजा है और अब भारत ने सूर्य की तरफ भी कदम बढ़ दिया है।

विज्ञान की मदद से हमें विशाल अंतरिक्ष के बारे में बहुत जंकारिया मिली है, जिसके बारे में नहीं पता था।

अंतरिक्ष में की गई खोज हमें धरती को और ज्यादा समझने मौसम का पूर्वानुमान लगाने और, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सहायक सिद्ध हुई है।

विज्ञान के नुकसान –

उक्त विवरण से ज्ञात होता है कि विज्ञान के आविष्कार मानव के जीवन की गहराई से घुल-मिलकर उसके हाथ- पाँव के समान ही उसके अभिन्न अंग बन गये हैं।

इसका तात्पर्य है कि विज्ञान ने मानव का केवल कल्याण ही किया है लेकिन ऐसा नहीं है।

कहते है न कि चित्र का एक भाग यदि रंगीन होता है और मानव मन को लुभानेवाला होता है तो दूसरा बेजान और अनाकर्षक होता है, विज्ञान का भी आज यही हाल है।

आज विज्ञान ने असंख्य मशीनों को जन्म दिया है, प्रत्येक छोटे-छोटे कार्य (रुई धुनना, कपड़ा सीना, कपड़ा धोना आदि) के लिए भी मशीनें मौजूद हैं

एक औटोमेटिक मशीन सैकड़ों और हजारों मनुष्यों के बराबर कार्य कर सकती है, जिससे मानव श्रम का कम उपयोग से बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न होती है।

इन मशीनों ने ग्रामीण उद्योग-धन्धों और कुटीर उद्योगों को समाप्त कर दिया है, मशीनों से बना माल देखने में अच्छा होता है और मूल्य में सस्ता पड़ता है।

मशीन से की गई प्रतियोगिता में हाथ का बना सामान भला कैसे टिक सकता है? इस मशीनीकरण ने कलात्मकता को भी पर्याप्त हानि पहुँचायी है।

हमारे जीवन में विलासिता और भौतिकता को प्रवेश कराने का सर्वाधिक उत्तरदायित्व विज्ञान पर ही है, विज्ञान के अधिकांश प्रयोग अब मानव जीवन को सरल बनाने की बजाय जीवनशैली पर किए जाते है।

उसने आज जीवन को आनन्द देने वाली तथा विलासिता की वस्तुएँ प्रदान की हैं कि मनुष्य चाहते हुए भी उनसे नहीं बच पाता है।

विज्ञान ने प्रत्यक्ष रूप से प्राणिजगत् को नष्ट करने के कुछ कम साधन उत्पन्न नहीं किये हैं।

युद्धक टैंक, डायनामाइट, रॉकेट, बम, परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, न्यूट्रॉन बम आदि ऐसे शस्त्र हैं, जो पलक मारते ही लाखों लोगों की जान ले सकते है।

अस्त्र- शस्त्र वायुमण्डल को भी इतना दूषित कर देते हैं कि मानव जगत् में नाना प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

इस प्रकार हम देखते है कि आज विज्ञान से मानव को ही नहीं मानवता और सम्पूर्ण पृथ्वी को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।

उपसंहार –

हम देखते है कि विज्ञान के ये आविष्कार मानव जाति के लिए फायदेमंद तो है लेकिन साथ ही इसके बड़े नुकसान है।

विज्ञान आज हमारे लिए अत्यंत आवश्यक जरूरत बन गया है, इसलिए इससे दूर भी नहीं रहा जा सकता है।

लेकिन विज्ञान का हमारे लिए सही उपयोग हो इसके लिए हमें ठोस कदम उठाने पड़ेंगे, हमें विज्ञान के नियमों का पालन करना चाहिए जिससे इसके नुकसान को कम से कम किया जा सके।

कहते है चीजों का हम सही तरीके से लाभ तभी ले सकते है जब उनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और यह हमारे हाथ में ही है।

यह आर्टिकल भी पढ़ें –

कहावतें या लोकोक्तियाँClick Here
छंद किसे कहते हैClick Here
हिन्दी भाषा की लिपि क्या हैClick Here
भाषा किसे कहते हैClick Here
हिंदी गिनती उच्चारण सहितClick Here
एप्लीकेशन कैसे लिखेंClick Here
विलोम शब्द इन हिन्दी Click Here
हिन्दी साहित्य का इतिहासClick Here
हिन्दी वर्णमाला चार्ट Click Here

Vigyan Ke Chamatkar Nibandh | विज्ञान के चमत्कार निबंध | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 10वी | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 10वी | विज्ञान के चमत्कार निबंध कक्षा 10वी | Vigyan Ke Chamatkar Nibandh In Hindi

Summary –

तो दोस्तों विज्ञान के चमत्कार पर निबंध के बारे में यह लेख आपको कैसा लगा हमें जरूर बताइएगा, यदि आप किसी और टॉपिक के ऊपर निबंध चाहते है तो नीचे कमेन्ट बॉक्स में लिखिए, हम जल्द से जल्द उसे उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे, इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें, धन्यवाद 🙂

हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो करें –

5 thoughts on “Vigyan Ke Chamatkar Nibandh विज्ञान के चमत्कार निबंध, 6-10th”

Leave a Comment